नई दिल्ली: कर्नाटक के गृह मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक लोकतंत्र में कोई भी संगठन, चाहे वह कितना ही पुराना, बड़ा या प्रभावशाली क्यों न हो, जांच-पड़ताल से ऊपर नहीं हो सकता.खरगे ने संगठन से उसकी कानूनी स्थिति और संगठनात्मक संरचना से संबंधित जानकारी, कर भुगतान की स्थिति और चंदे, अंशदान और आय के स्रोतों का विवरण सार्वजनिक करने का आग्रह किया है.खरगे ने सोमवार (15 जून) को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भागवत को 13 जून को लिखा गया पत्र शेयर किया. उन्होंने कहा कि अपने शताब्दी वर्ष में आरएसएस को जिम्मेदारी से संविधान का पालन करना चाहिए और रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए, आवश्यक जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, लागू करों का भुगतान करना चाहिए और संविधान के दायरे में पारदर्शी ढंग से काम करना चाहिए









