बड़ी खबर: रेवारी के चुराई पूर्वा में तालाब और सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप, नोटिस के बाद भी निर्माण जारी होने की शिकायत

🚨 बड़ी खबर: रेवारी के चुराई पूर्वा में तालाब और सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप, नोटिस के बाद भी निर्माण जारी होने की शिकायत

 गोण्डा जिले के ग्राम पंचायत रेवारी (चुराई पूर्वा)। ग्राम पंचायत रेवारी के चुराई पूर्वा गांव में तालाब पर कथित अवैध कब्जे और सरकारी जमीन पर निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे गांव की जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

तालाब में पानी की निकासी बाधित, नालियां जाम होने का खतरा

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के तालाब में कथित रूप से अतिक्रमण किए जाने के कारण नालियों का पानी तालाब तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे गांव की जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब की पैमाइश कराकर उसकी वास्तविक सीमा निर्धारित करने और यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार उसे हटवाने की मांग की है।

नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण का आरोप

ग्रामीणों ने गांव के बाहर पानी की टंकी के पास स्थित सरकारी जमीन पर भी कथित कब्जे का मामला उठाया है। शिकायत के अनुसार, इस जमीन पर तीन घरों से संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद टाटियां लगाकर अंदर ही अंदर दीवारें खड़ी किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से नोटिस की स्थिति और निर्माण की वैधता की जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में तनन मोहम्मद, नूर मोहम्मद और मोहम्मद उमर के नाम तालाब पर कथित कब्जे के संबंध में सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब अभी उपलब्ध नहीं है। मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों की मांग—समयबद्ध जांच हो, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई हो

ग्रामीणों ने राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर तालाब एवं सरकारी जमीन की निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए। जारी किए गए नोटिसों की स्थिति की समीक्षा हो तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि मामले में जल्द जांच और कार्रवाई होने से जलनिकासी की समस्या का समाधान हो सकता है तथा सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सकता है।

अब सवाल यह है कि संबंधित अधिकारी मौके पर जांच कब करेंगे? क्या तालाब और सरकारी जमीन की पैमाइश कराकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी? ग्रामीणों को प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।

सूर्या जागरण न्यूज 24 डिजिटल मीडिया संस्थान — संस्थापक सूरज जायसवाल।

Leave a Comment

और पढ़ें